भोपाल। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ का कहना है कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जिन 10000 अत्याधुनिक शासकीय विद्यालयों की घोषणा की है, यदि अवधारणा फलीभूत हो गई तो मध्य प्रदेश के एक लाख से ज्यादा शिक्षक अतिशेष हो जाएंगे और आने वाले कई सालों तक शिक्षकों की भर्ती करने की जरूरत ही नहीं बचेगी। सरल शब्दों में, शिवराज सिंह के 10000 स्कूल मध्य प्रदेश के हजारों शासकीय विद्यालयों को खत्म कर देंगे।
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MP High Court: अतिथि शिक्षक रहते हुए बीएड करने वालों को भर्ती में क्यों किया अयोग्य
जबलपुर, MP High Court। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य शासन सहित अन्य से सवाल किया है कि उच्च शिक्षक भर्ती की चयन परीक्षा में चयनित होने के बावजूद अतिथि शिक्षक रहते हुए बीएड करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य क्यों घोषित कर दिया गया? कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव व जस्टिस राजीव कुमार दुबे की युगलपीठ ने राज्य सरकार, आयुक्त व संचालक लोक सूचना, आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र व सामान्य प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अगली सुनवाई नौ नवंबर निर्धारित की गई है।
मध्यप्रदेश में फर्जी अंकसूची के जरिए नौकरी पाने वाले शिक्षक निलंबित
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में फर्जी बीएड की अंकसूची (Mark-Sheet) के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने वाले दो शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया है।
जो अतिथि शिक्षक की बात करेगा वही मध्यप्रदेश में राज करेगा: शंभूचरण
अनूपपुर, मध्य प्रदेश। मुख्यालय में आयोजित विशाल धरना प्रदर्शन में पहुंचे संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंभूचरण दुबे ने सत्ता बैठे लोगों पर जमकर बरसे, उन्होंने कहा कि मेरा अतिथि शिक्षक भूखा है, गरीब है व बेसहारा है, जिसका फायदा ये सत्ता में काबिज लोग उठा रहे हैं, जब तक इनकी मांगे पूर्ण नहीं हो जाती तब तक इनके हक के लिए लड़ता रहूंगा, ज्ञात हो कि अतिथि शिक्षक संघ 14 वर्षो से नियमितीकरण व 12 माह का कार्यकाल के साथ वेतनमान के लिए समय-समय पर आंदोलन करते आ रहे हैं।
MP: बरसों बाद निकली शिक्षक भर्ती, दो साल हो गए, इंतजार है कि खतम ही नहीं हो रहा
मध्य प्रदेश. सितंबर, 2018 में सरकार ने उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए कुल 30,594 पदों पर भर्तियां निकालीं. मध्य प्रदेश में टीचरों की भर्ती करीब दस साल बाद हो रही थी. खूब फॉर्म भरे गए. फरवरी-मार्च, 2019 में पात्रता परीक्षा हुई. उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट आया अगस्त, 2019 में.
शिक्षक भर्ती पर कोर्ट का बड़ा फैसला, 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त
शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी खबर है। आज न्यायालय ने एक अहम सुनवाई करते हुए 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को खारिज कर दिया है। इसके अलावा नियोजन नीति को भी हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है।
शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि के लिए गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपा
जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय पर शिक्षक भर्ती के लिए चयनित हुए प्रतियोगियों के दस्तावेज सत्यापन की शुरूआत
उच्च माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित
मप्र में फिर अटकी शिक्षक भर्ती / कोरोना संक्रमण के कारण दस्तावेजों का सत्यापन रोका गया
शिक्षक भर्ती परीक्षा मे अतिथि शिक्षक का 25% कोटा अन्याय
मप्र शिक्षक भर्ती: जीव विज्ञान का विभाजन क्या किसी घोटाले की साजिश है
शिक्षक भर्ती- कहीं खुशी तो कहीं चिंता के बादल
शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास अभ्यर्थी सत्यापन कार्य बंद होने से परेशान, आंदोलन की दी चेतावनी
शिक्षक भर्ती वर्ग का सत्यापन कराएंगे शुरू : विधायकᅠ
भोपाल:शिक्षक भर्ती प्रक्रिया स्थगित होने से अभ्यर्थी पहुंचे सीएम निवास
मप्र शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि के लिए नरोत्तम मिश्रा को ज्ञापन सौंपा
दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया शुरु कराने की मांग, सौंपा ज्ञापन
शिक्षक भर्ती में सफल रहे अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में विलंब को लेकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर शिवांगी जोशी को सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती से संबंधित सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर एक से तीन जुलाई तक चली थी। इसके बाद चार
हर काम में फिट हैं शिक्षक , मैडम को चाहिए गिफ्ट , जान का खतरा है या दिखावा , शिक्षक भर्ती को लगा कोरोना संक्रमण
हमारे देश में शिक्षकों को भगवान से भी ऊपर दर्जा दिया गया है। वे सिर्फ बच्चों में संस्कार ही नहीं भरते बल्कि हर वो काम में भी आगे रहते हैं, जिन्हें कोई नहीं कर सकता। अब आप कोरोना काल में ही देखिए, कोरोना
उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यार्थियों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन देते हुए जीवन विज्ञान विषय के अंतर्गत आने वाले सभी सहविषयों एलाइड को मान्य करने के लिए ज्ञापन दिया
14 बिंदुओं पर आधारित ज्ञापन देते हुए सभी अभ्यार्थियों ने भर्ती के नियमों को न बदलते हुए पीईबी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार ही भर्ती कराने की मांग उठाई है। साथ ही उच्च शिक्षा की तरह स्कूल शिक्षा में भी सभी एलाइट विषयों को जीवन विज्ञान के अंतर्गत शामिल करने की बात कही है।