उज्जैन. मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर बाबा महाकालेश्वर को आवेदन सौंपा। अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन पर हैं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में शिवरात्रि पर वे बाबा के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे।
अतिथि शिक्षकों ने बताया कि विगत १० वर्ष
से न्यूनतम १०० से १८० रुपए प्रतिदिन भुगतान पर अपनी सेवा स्कूलों में दे
रहे हैं। सभी अतिथि शिक्षक ईमानदारी से अपना काम
कर रहे हैं। अवकाश के दिन का कोई भुगतान नहीं होता है। साथ ही मेडिकल लीव
भी नहीं मिलती है। कई माह तो १५ दिन ही स्कूल लगता है। एेसे में काफी कम
भुगतान होता है। कई बार ध्यान
आकर्षित करने के बाद भी मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि शिक्षकों की
समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। अतिथि शिक्षकों ने बाबा से
मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
जल्द जारी होने वाला विज्ञापन
प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षकों में संविदा शिक्षककर्मियों की भर्ती के लिए जल्द ही विज्ञापन लाने वाली है। विभागीय सूचनाओं के अनुसार मार्च तक ४० हजार से अधिक पद के लिए विज्ञापन जारी होगा। इसी के चलते आवेदन करने वालों ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर में कई कोचिंग संचालकों ने भी विशेष बैंच शुरू कर दिए है, लेकिन इस विज्ञापन से पहले ही अतिथि शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। अतिथि शिक्षक चुनाव से पहले सरकार पर दबाब बनाकर खुद को नियमित करवाने की कोशिश कर रहे है। बता दे कि पूर्व विधानसभा चुनाव में भी इन लोगों का आश्वासन मिला था। जो पूरा नहीं हुआ।
प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षकों में संविदा शिक्षककर्मियों की भर्ती के लिए जल्द ही विज्ञापन लाने वाली है। विभागीय सूचनाओं के अनुसार मार्च तक ४० हजार से अधिक पद के लिए विज्ञापन जारी होगा। इसी के चलते आवेदन करने वालों ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर में कई कोचिंग संचालकों ने भी विशेष बैंच शुरू कर दिए है, लेकिन इस विज्ञापन से पहले ही अतिथि शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। अतिथि शिक्षक चुनाव से पहले सरकार पर दबाब बनाकर खुद को नियमित करवाने की कोशिश कर रहे है। बता दे कि पूर्व विधानसभा चुनाव में भी इन लोगों का आश्वासन मिला था। जो पूरा नहीं हुआ।
प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत आंदोलन
अतिथि शिक्षकों के कई संगठन प्रदेशभर में सक्रिय है। इन सभी ने मिलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। सरकार ने भी इन लोगों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। मार्च में बोर्ड व वार्षिक परीक्षा का दौर शुरू हो जाएगा।
अतिथि शिक्षकों के कई संगठन प्रदेशभर में सक्रिय है। इन सभी ने मिलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। सरकार ने भी इन लोगों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। मार्च में बोर्ड व वार्षिक परीक्षा का दौर शुरू हो जाएगा।