शिक्षा विभाग में संविलियन होना है। इसके लिए सर्विस बुक अपडेट की जा रही
है। काम संकुल के डीडीओ का है लेकिन शिक्षक खुद ही इसमें जुटे हैं। इसके
लिए जेब से राशि खर्च कर पासबुक अपडेट कर रहे हैं।
किसी ने 200 तो किसी ने
500 रुपए खर्च किए। अब लोक शिक्षण संचालनालय ने जिले के डीईओ को पत्र जारी
कर पूछा है कि कितने शिक्षकों की पासबुक अपडेट है और इसमें कितनी राशि खर्च
की। कितनी राशि की और जरूरत है ताकि भेजी जा सके।
अभी शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक, अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक के पद
हैं। अब इन्हें प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्चतर माध्यमिक
शिक्षक बनाया जा रहा है। इसके लिए संविलियन की प्रक्रिया चल रही है।
शिक्षकों को सर्विस बुक, वेतन वृद्धि आदि की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करना
है। 15 सितंबर इसकी आखिरी तारीख है।
संयुक्त संचालक ने यह पत्र भेजा
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण एस. एस. एच रिजवी ने डीईओ को पत्र भेजा
है। इसमें कहा गया है कि अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग में सुसंगत
पदों पर नियुक्ति देने के लिए संकुल स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर
कितनी राशि आवंटित करना है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पत्र तब आया है
जब कि जिले में 90 फीसदी शिक्षक काम अपडेट हो चुका है और इस पर पूरा खर्च
शिक्षकों ने किया।
डीडीओ का काम शिक्षकों पर थोपना गलत- मप्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष
सर्वेश माथुर ने बताया सर्विस बुक अपडेशन संकुलों के डीडीओ को करना है
लेकिन वे नहीं कर रहे। उनका काम अध्यापकों पर थोपा जा रहा है जो गलत है।
अपडेशन पर खर्च की राशि अध्यापकों को लौटाई जाए।
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