भोपाल/इंदौर प्रदेश में बच्चों के साथ दुष्कर्म और यौन हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने पहल की है। इसके तहत अितथि
शिक्षकों की भर्ती में नई व्यवस्था लागू की गई है।
अब सभी अतिथि शिक्षकों
को शपथ-पत्र में बताना होगा कि उनके खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का
संरक्षण अधिनियम-2012 (पॉक्सो एक्ट) और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और
संरक्षण) अधिनियम-2000 के अंतर्गत कोई मामला दर्ज नहीं है। साथ ही किसी
कोर्ट ने उन्हें ऐसे केस में सजा नहीं सुनाई है। वर्तमान में भी कोई केस
दर्ज नहीं है।
मनमानी नहीं कर पाएंगे अफसर
विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि अब स्कूल में रिक्त पदों से ज्यादा
अतिथि शिक्षक नहीं रखे जा सकेंगे। यदि कोई प्राचार्य इसके बावजूद ज्यादा
शिक्षक रखता है तो इसे वित्तीय अनियमितता माना जाएगा। यह सुनिश्चित करने की
जवाबदेही सीधे तौर पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।
बच्चों की सुरक्षा के लिए
 अतिथि शिक्षकों से शपथ-पत्र लिए जाएंगे। इसमें उन्हें यह बताना
होगा कि उनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ पॉक्सो एक्ट में भी
कोई केस दर्ज नहीं होना चाहिए। स्कूली छात्र-छात्राओं को यौन अपराधों से
सुरक्षा देने के मकसद से यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जेके शर्मा,
संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण)
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