इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में चल रही हड़ताल से
स्थिति दिनोंदिन बिगड़ रही है। हर दिन सैकड़ों विद्यार्थी डिग्री और
माइग्रेशन के लिए चक्कर काटने को मजबूर हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में भी
ज्यादातर आवेदन ऐसे ही आए। एक आवेदक ने चयन सूची में अपना नाम बताते हुए
कहा कि नौकरी के लिए डिग्री जरूरी है। तीन दिन में डिग्री नहीं मिली तो
फांसी लगाकर आत्महत्या करने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा।
बड़वानी से
आए हेमंत मंडलोई ने बताया कि शिक्षक बनने के लिए मन लगाकर बीएड की पढ़ाई
पूरी की। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन के लिए चयन हुआ। हाल ही में
इंटरव्यू के लिए बेंगलुरु बुलाया था। इंटरव्यू के लिए डिग्री मांगी लेकिन,
यूनिवर्सिटी ने अभी डिग्री ही जारी नहीं की। ८ अप्रैल तक डिग्री बेंगलूरु
जाकर जमा नहीं कराई तो भर्ती प्रक्रिया से ही बाहर हो जाऊंगा। हेमंत की बात
सुनने के बाद परीक्षा नियंत्रक प्रो.अशेष तिवारी उसे हिम्मत रखने की बात
कहते रहे। वे ये नहीं बता पाए कि डिग्री कब मिल सकेगी। इसी तरह बीएड के
छात्र-छात्राओं ने सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट जारी करने के लिए आवेदन दिया।
उन्होंने कहा, अब तक तो थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा हो जाना चाहिए थी। इस गति
से तो दो साल का कोर्स तीन साल में भी नहीं हो पाएगा। कुलपति प्रो.नरेंद्र
धाकड़ ने हड़ताल खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी कराने का आश्वासन दिया। बीए
कर चुके छात्र दीपेश कौरव ने सभी अंकसूची में गलत नाम प्रिंट होने की
शिकायत करते हुए सुधार का आवेदन दिया। अफसरों ने उसे भी हड़ताल का हवाला
देकर लौटा दिया।
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