कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक काल में जिले व ब्लॉकों में महत्वपूर्ण उच्च व वरिष्ठ पदों पर धीरे-धीरे सहायक अध्यापक और अध्यापकों की प्रभारी के रूप में नियुक्तियां कर शासन के नियमों की अनदेखी की जा रही है। जबकि प्राचार्य व व्याख्याताओं की अनदेखी की जा रही है। जिससे उनमें काफी असंतोष है।
12 अप्रैल को जारी एक आदेश के तहत कलेक्टर ने एक बार पुनः नियम से हटकर शिक्षक व अध्यापकों की नियुक्ति वरिष्ठ पदों पर कर दी। जैसे प्रवीण प्रजापत अध्यापक शाउमावि खट्टाली को बीईओ व बीआरसी जोबट दोनों पदों का प्रभारी बनाया गया। जबकि वरिष्ठ व्याख्याता बीपी पटेल प्रभारी बीईओ थे और राजेंद्र वाणी बीआरसी का कार्य कर रहे थे। इसी प्रकार आलीराजपुर में मंडल संयोजक शरद क्षीरसागर को कट्ठीवाड़ा विकासखंड में बीईओ व बीआरसी बना दिया गया। जबकि अविनाश वाघेला सहायक शिक्षा (एपीसी) को बीआरसी आलीराजपुर का प्रभार देकर अधिकारी बना दिया। इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद नगर में प्रभारी बीईओ राजशेखर कुलकर्णी को बीआरसी का काम भी सौंप दिया। जबकि शैलेंद्र डावर कार्यरत थे। इस प्रकार सहायक शिक्षक व अध्यापकों का जमावड़ा प्रभारी अधिकारियों के रूप में हो गया है। इनमें अध्यापक रामानुज शर्मा बीईओ व बीआरसी सोंडवा, अध्यापक रामसिंह सोलंकी बीईओ एवं बीआरसी उदयगढ़ भी शामिल है।
सहायक आयुक्त व डीपीसी भी प्रभारी के भरोसे
इसके पूर्व जिले में सहायक आयुक्त पद पर राजपत्रित अधिकारी के बजाय एक कनिष्ठ प्राचार्य प्रभारी के रूप में कार्यरत है। जबकि डीपीसी के पद पर एक बीडीओ नवीन श्रीवास्तव को जिले का अधिकारी बना दिया गया। कलेक्टर मिश्रा ने इस प्रकार जिले में जूनियर कर्मचारियों की पद स्थापना तो कर दी लेकिन डीडीओ आहरण सह वितरण का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। डीडीओ की बात पर कहा जा रहा है कि अध्यापकों को नियम से डीडीओ प्रभार नहीं दिया जा सकता है। इस प्रकार सभी ब्लाकों के डीडीओ प्रभार सहायक आयुक्त सतीश सिंह अपने पास रखे हुए हैं।
भास्कर संवाददाता | उदयगढ़
कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक काल में जिले व ब्लॉकों में महत्वपूर्ण उच्च व वरिष्ठ पदों पर धीरे-धीरे सहायक अध्यापक और अध्यापकों की प्रभारी के रूप में नियुक्तियां कर शासन के नियमों की अनदेखी की जा रही है। जबकि प्राचार्य व व्याख्याताओं की अनदेखी की जा रही है। जिससे उनमें काफी असंतोष है।
12 अप्रैल को जारी एक आदेश के तहत कलेक्टर ने एक बार पुनः नियम से हटकर शिक्षक व अध्यापकों की नियुक्ति वरिष्ठ पदों पर कर दी। जैसे प्रवीण प्रजापत अध्यापक शाउमावि खट्टाली को बीईओ व बीआरसी जोबट दोनों पदों का प्रभारी बनाया गया। जबकि वरिष्ठ व्याख्याता बीपी पटेल प्रभारी बीईओ थे और राजेंद्र वाणी बीआरसी का कार्य कर रहे थे। इसी प्रकार आलीराजपुर में मंडल संयोजक शरद क्षीरसागर को कट्ठीवाड़ा विकासखंड में बीईओ व बीआरसी बना दिया गया। जबकि अविनाश वाघेला सहायक शिक्षा (एपीसी) को बीआरसी आलीराजपुर का प्रभार देकर अधिकारी बना दिया। इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद नगर में प्रभारी बीईओ राजशेखर कुलकर्णी को बीआरसी का काम भी सौंप दिया। जबकि शैलेंद्र डावर कार्यरत थे। इस प्रकार सहायक शिक्षक व अध्यापकों का जमावड़ा प्रभारी अधिकारियों के रूप में हो गया है। इनमें अध्यापक रामानुज शर्मा बीईओ व बीआरसी सोंडवा, अध्यापक रामसिंह सोलंकी बीईओ एवं बीआरसी उदयगढ़ भी शामिल है।
डीपीसी को ठहरा दिया जिम्मेदार
इस संबंध में प्रभारी सहायक आयुक्त सतीश सिंह ने डीपीसी नवीन श्रीवास्तव पर ठीकरा फोड़कर कहा कि मैं दो-तीन से बाहर गया था। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर को गुमराह कर ये नियुक्ति आदेश जारी करवा दिए। जबकि जनजातीय विभाग की नोटशीट के आधार पर ही कलेक्टर ने शिक्षक व अध्यापकों को पद भार सौंपा है।
सब नियम के विपरीत हो रहा है, विरोध करते हैं
शासन के आदेश है कि बीईओ और बीआरसी पद पर प्राचार्य या वरिष्ठ व्याख्याता को ही पदस्थ किया जाना है। जबकि जिला स्तर के पद पर भी राजपत्रित अधिकारी को जिम्मा सौंपा जाना चाहिए। जिले में जो हो रहा सब नियम के विपरीत हो रहा है। इस पर हमारी जिला इकाई असंतोष जताकर विरोध करती है। आरकेएस तोमर, जिला अध्यक्ष, प्राचार्य-व्याख्याता संघ आलीराजपुर
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