सहरिया समुदाय के युवाओं को भाषाई शिक्षक के पद पर वर्ष 2010 में नियुक्ति
दी गई लेकिन वर्ष 2016 में योजना खत्म होने की बात कहकर उन्हें नौकरी से
निकाल दिया गया।
केंद्र सरकार ने आदिवासी परिवारों को मुख्य धारा से जोड़ने
के लिए भाषाई शिक्षक योजना शुरू की थी। इन शिक्षकों को पांच हजार रुपए
मानदेय दिया जाता था।
वर्ष 2016 में इन्हें यह कहकर हटा दिया गया कि केंद्र की योजना समाप्त
हो गई है। डीबी स्टार ने 18 सितंबर 2017 को ‘पहले शिक्षक अब मजदूर’ शीर्षक
से खबर प्रकाशित कर इस इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। गत 9 दिसंबर
2017 को कोलारस चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने
सहरिया सम्मेलन में एलान किया था कि भाषाई शिक्षक सहित सभी युवाओं को
सरकारी नौकरी में लिया जाएगा लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं
की गई है। रामनिवास, राजू, रामवरन, उत्तम सिंह, जसवंत, राजेंद्र प्रसाद
सहित 100 सहरिया युवा अब सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की योजना बना रहे हैं।
इस बारे में जब स्कूल शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री दीपक जोशी से बात की तो
उन्होंने कहा कि ये मामला मेरे संज्ञान में है । हम इस संबंध में विभागीय
अफसरों से चर्चा कर रहे हैं। इस संबंध में शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा।
DB Star
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हम आंदोलन करेंगे
 प्रदेश के सीएम एम शिवराज सिंह चौहान के वादे के बाद भी आज हम
बेरोजगार हैँ। कोलारस उप चुनाव से पहले सीएम ने घोषणा की थी लेकिन कुछ नहीं
हुआ। अब हम भोपाल में सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। रामनिवास, पूर्व
भाषाई शिक्षक
हमारे साथ धोखा हुआ है
 हमें पहले तो केंद्र सरकार की योजना के तहत शिक्षक बनाया गया
फिर अचानक हटा दिया गया। यह गलत है। हमारी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
प्रताप, पूर्व भाषाई शिक्षक
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