भोपाल। गुरुजी की तरह ही अतिथि शिक्षकों को भी शिक्षक
बनाए जाने को लेकर प्रदेश भी शिक्षकों का विरोध जारी है, उनके इस विरोध के
समर्थन में सोमवार को छात्र भी शामिल हो चुके हैं।
इसी के चलते पिछले दिनों
अतिथि शिक्षकों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन भी किया। साथ ही कई जगह शालाओं
का बहिष्कार भी इस शर्त पर शुरू कर दिया कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की
जाएंगी वे कक्षाओं में वापस नहीं आएंगे।
वहीं मंगलवार को भोपाल में विश्वविद्यालयीन अतिथि विद्वान संघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों द्वारा काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
जानकारों
के अनुसार अतिथि शिक्षकों के द्वारा लगातार किए जा रहे प्रदर्शनों को
देखते हुए प्रदेश सरकार एक बार फिर टेंशन में आ गई है। वहीं इससे पूर्व
रायसेन जिले के गैरतगंज में खून से ज्ञापन लिखकर सौंपा गया।
ये है मांग...
अतिथि शिक्षकों के अनुसार जब तक
अतिथि शिक्षकों को गुरुजी की तरह संविदा शिक्षक बनाकर लाभ नहीं दिया जाता,
तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
सोमवार को छात्र भी आए समर्थन में...
इससे पहले
सोमवार को सरकारी कॉलेजों के लिए की जा रही पीएससी से असिस्टेंट प्रोफेसर
की भर्ती प्रक्रिया निरस्त कराने के लिए अतिथि विद्वानों ने सोमवार को
कक्षाओं का बहिष्कार किया।
इसके कारण कॉलेजों में पढ़ाई ठप जैसी रही।
कॉलेजों में कक्षाएं सुनी पड़ी रहीं। राजधानी के मोतीलाल विज्ञान
महाविद्यालय के छात्रसंघ ने रैली निकाल समर्थन किया। प्राचार्य डॉ. नीरज
अग्निहोत्री ने समझाइश लेकिन छात्र-छात्राओं ने उनकी एक नहीं सुनीं।
वहीं कॉलेज के मुख्यद्वार पर लगे बीजेपी विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह के
पोस्टर को फाड़ दिया। यह इस कॉलेज जनभागीदारी अध्यक्ष भी हैं। छात्रों ने
कहा कि हमारे खेल मैदान पर विधायक कप हो रहा है ठीक है, इससे हमारा
स्पोट्र्स कार्निवल प्रभावित हो रहा पर हमने कुछ नहीं कहा लेकिन इसका मतलब
यह नहीं कि पोस्टर लगाकर कॉलेज की पहचान ही छिपा दी जाए।
अतिथि विद्वानों ने एमवीएम परिसर में छात्र संघ अध्यक्ष हर्षिता गिरी के
नेतृत्व में विद्यार्थियों ने रैली निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में
छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
शहर के इंस्टीट्यूट फॉर एक्सिलेंस इन हायर
एजुकेशन सहित नवीन, बेनजीर, नूतन गल्र्स, गीतांजलि गल्र्स कॉलेज आदि
कॉलेजों में क्लासेस ठप रहीं। अतिथि विद्वान महासंघ ने दावा किया है कि सभी
कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हुई है।
पूरे प्रदेश में अध्यापन कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा है। कक्षाओं
का पूरी तरह बहिष्कार किया। हमारी जायज मांग है इसे सरकार नहीं मानती है तो
इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अतिथि विद्वान ही हैं जिनके कारण प्रदेश
में उच्च शिक्षा बची हुई है।
- देवराज सिंह, अध्यक्ष अतिथि विद्वान महासंघ
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