नरसिंहपुर जिले में अतिथि शिक्षकों के 1477 पद हैं लेकिन अभी तक शिक्षा
विभाग करीब २०० पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर सका है लिहाजा नए
शिक्षण सत्र के 2 माह बीतने के बाद भी जहां बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके
शिक्षक उपलब्ध नहीं हंै वहीं आगे समय पर कोर्स पूरा न होने से बच्चों के
परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की बात भी कही जा रही है।
जानकारी के
अनुसार जिले के सभी प्राइमरी, मिडल व हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में
लगभग 1477 अतिथि शिक्षकों के पद हैं। जिनमें से ३३१ पद वर्ग एक के हैं। दो
माह पहले सरकार ने वर्ग एक के लिए अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन प्रक्रिया तय
की थी । उसके काफी जटिल होने की वजह से स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की
नियुक्ति नहीं हो सकी । अतिथि शिक्षकों ने अपनी सुविधानुसार स्कूलों में
ज्वाइन किया परिणामस्वरूप कई स्कूलों में अभी तक शिक्षकों के पद रिक्त पड़े
हैं।
जानकारी के अनुसार सत्र २०१७-१८ में अतिथि शिक्षक वर्ग 1 के
चावरपाठा में 63, साईंखेड़ा में 53, चीचली में 58, नरसिंहपुर में ३१, करेली
में 80 और गोटेगांव में 46 पद रिक्त थे। वर्ग 2 के चावरपाठा में 131
साईंखेड़ा में 101, चीचली में 208, नरसिंहपुर में 203, करेली में ८५,
गोटेगांव में 154, पद रिक्त थे। वर्ग 3 के चावरपाठा में 72, साईंखेड़ा में
14 ,नरसिंहपुर में 63, चीचली में 34, करेली में ३१ और गोटेगांव में 50 पद
रिक्त थे। वर्ग तीन के चावरपाठा में ७२, साईखेड़ा में १४, चीचली में ३४,
नरसिंहपुर मेें ६३, करेली में ३१ और गोटेगांव में ५० पद रिक्त थे। इस तरह
कुल १४७७ पद थे जिनमें विभाग ११४१ पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती कर सका
था जबकि 329 पद इसलिए खाली रह गए थे क्योंकि उनके लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं
हो सके थे। जिसके पीछे यह कारण बताया था उसके लिए निर्धारित योग्यता वाले
अतिथि शिक्षक नहीं मिल सके थे। ध्यान देने योग्य बात यह है कि एक ओर शिक्षा
विभाग अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन भर्ती कर रहा है वहीं दूसरी ओर इस सत्र
में उसके पास अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि जिले के किस स्कूल
में कितने शिक्षकों के पद अतिथियों से भरे गए हैं या रिक्त हैं। सूत्रों के
मुताबिक स्कूलों को डीईओ कार्यालय से पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई थी पर
अभी तक महज दो स्कूलों के प्राचार्यों ने ही जानकारी उपलब्ध कराई है।